बदलते जाते है दाम
कमाल तो देखो स्वप्न ये दुनिया निद्रा का मैं साक्षी !!
अरे ये साक्षी भी प्रभु का
आश्चर्यमे डूबे,माया में खोए, आकर्षित, गाफिल भोजन काल के
ज्ञान और धन साधन है साध्य नही ।क्योकि दोनों की वेल्यु बदलती ही जाएगी परिस्थितियों से । जैसे महगाई !!एक ही चीज़ दाम बदलते गए ।
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