आध्यात्म ध्यान
स्मृति विस्मृति स्वप्न निद्रा आत्मा
अवकाश में ढूंढता हु अंत !!
प्रारम्भ होता कहा है ।
इसीलिए है पूर्णमदः ।
बुद्धि की पारा का ष्टा आने पर कल्पना का सहारा लेना पड़ता है । और कल्पना की उड़ान में जुड़ जाता है मन । तर्क शास्त्र लॉजिक के साथ घुसे मन को कैसे अलग करे । अध्यात्म ध्यान
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