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Showing posts from 2018

निद्रादि

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जीवन यहां ही है और निद्रा भी !  मौत और जिंदगी  जीवन मे दिखाई देते है !! जिंदगी में डूबा हुआ दुसरो के जन्म और मौत को देखता है उससे खुद का अनुमान लगाकर जीता है !! ज्ञान से कीर्ति धन को समझ पाता है !! वह ज्ञान भी नाशवंत हो सकता है !! ज्ञान वान कीर्तिवान धनवान सभी को मृत्यु  खा जाता है !! समज से संदेह नष्ट होता है ।संशय और संशोधन के साधन यहा ही बिखरे पड़े है ।वैज्ञानिके बन जाते है कई !! हजारो लाखो तारे  आकाश से आवाज़ दे रहे है । नाम दो ढूंढ़ो मुजे । अध्यात्म की दुनिया अद्भुत है ज्ञान और पैसे मिल तो जाते है किंतु खुद अंदर ही डूबता चला जाता है !! खो जाता है खुद ।खो देती है दुनिया!! समज नही पाती है ।  दुनिया का रहस्य पा लेता है कोई सुनता नही है । जैसे रामानुज चिल्ला चिल्ला कर मंत्र बता रहा है । यहां याद आ जाता है चहचहाता अकेला पंखी । गा लेता है गीत ।  बस इसका जवाब उपनिषद के गोपाल की वह बात सबकुछ जान लेने के बाद तो गैया ही चरवाने को जाना है ।

ध्यान तो उपाय है

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दाम नाम ज्ञान जलन जीत को कारण दुसरो इसलिए बन तू ध्यानी  ध्यान की ताकत  निर्णायक शक्ति देती है । कभी कभी ऐसे लोग बोलते बहोत है । किंतु इनका मौन जबरदस्त निर्णय शक्ती में दिखाई देता है । महात्मा गांधी विनोबाजी रजनिशजी वी का जीवन देखो। विदेश  देश मे ज्योतिष अध्यात्म विज्ञान का समन्वय करके सरल उपाय दिखाए है ।आजमाके देखिये । यूट्यूब में rajendra prasad vyas चैनल से । दे भी क्या शकत ये दुनिया नाम दाम

अवतार तू भी तो है

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ये अवतार गजब हरि पायो वैसे देखने जाओ तो राम कृष्ण  बुध्ध ईसू सब के सब अवतार है वैसे आप भी एक अवतार है !!

आत्मा प्रकाश

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समझना ये होगा कि आतम तो प्रकाशता ही एक जगह से है। दूसरे की बात अगर कीर्ति पाना है  तो  है । उसकी नासमझ क्लास के स्टूडेंट जैसी है । आवरण लगा है अज्ञान का जो। प्रकाश लेगा अपने हिसाब से।किसकी तड़प  है ? हजारो अज्ञानी ओ !!लेकिन मूल में तो वही है !! यह ज्ञान वैराग्य के बिना क्या?

साक्षी भाव

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कमाल तो देखो स्वप्न ये दुनिया निद्रा का मैं साक्षी !! अरे ये साक्षी भी प्रभु का  सपने सभी याद नही रहते है । और कई विचार हम बिना काम के कर लेते है । मैंने एकबार देखा था एक आदमी कबूतरों को दाना डालता था। सब दाने खा रहे थे । बस उस आदमी को आत्मा समजो और कबूतरों को कोष । अर्थात हजारो लाखो की संख्या में कोष यह आत्मा नामके सूरज से जीवन प्रकाश पा रहे है । यह पूरा चित्र देह का है । जैसे एक मधुमख्खी का पुडा । विविध आकृतियां शेर मनुष्य पंखी बनाती है । the power of the GOD is at work.

हरी

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प्रभु उमर खय्याम की यह बात भी  ओ परमात्मा मैने मेरी शक्ति के हिसाब से तुझको जानने की कोशिश की है !

मन भला क्या चीज़ !

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मन की दुनिया अजीब है !! समजावत बड़ो थक गयो मैं साँई !! इसीलिए तो कहते है बनो केन्द्री । साक्षी भूतोंतरात्मा