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Showing posts from March 18, 2022

सत श्री अकाल

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 त्रिकाल समग्र दर्शन  मन तेरो दर्शन जाय अधुरो यही तो माया मात रे प्रार्थना करने से अहमून है समा जाने में नही । इसीलिए प्रार्थना से बेटर ध्यान है । परम के अस्तित्व से ही काल है । अकाल  सिख है न । यह काल और अवकाश दो हुए।  काल के कारण गति का होना ।   यही से वायु  ।  आत्मतत्व से महा विस्फोटक शक्ति युक्त अणु का होना ।  फिर के अणु रचना ।  जो  एलीमेन्ट कम्पाउंड मिक्सचर ।  धातु मूल जीव। यह काल और अवकाश दो हुए।  काल के कारण गति का होना ।   यही से वायु  ।  आत्मतत्व से महा विस्फोटक शक्ति युक्त अणु का होना ।  फिर के अणु रचना ।  जो  एलीमेन्ट कम्पाउंड मिक्सचर ।  धातु मूल जीव। सब कहा पांच इन्द्रिय वाले है ।अलसिया को तो आंख ही नही होती है  देव योनि मनुष्य से ऊपर है  ते देवा: भावयन्तु न: ।