માયા ચારે ય બાજુ..
माया चहुं ओर खुली पड़ी है ।
आप खुद ही उसके भाग हो ।
आप क्या भुगतोगे!
Each and every moment dieing says me me me...
परी वर्तन गति और समय
जैसे प्रतिक्षण देह का अलग रूप होना,,
!!!
इसलिये ही मैं कहता हु साइंस समझे बिना आध्यत्म की बाते समझना कठिन है
जिसे विज्ञान का ज्ञान नहीं न संस्कृत या ग्रन्थ अभ्यास है जो केवल वाक पटुता से कुछ न कुछ प्रस्थापित करता है बड़े बड़े आश्रम खोल बैठता है.. वो ९०% भटका हुआ होता है । जिसे खुद का पता नही है ।गुरू ओ से सावधान रहो । टोला तो नेता लोग भी इकठ्ठे कर लेते है ।
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