जप तप दान यज्ञ
जप की अद्भुत बात है ।जो घ्यान की दिशा में ले जाती है ।
जप।ये चलता है न सांस । देखो मैंने सांस माला का प्राधान्य दिखाया है ध्यान में।
योग से ध्यान को समझना होगा।
व्यसनों के सेक्स थी अनुभावाती किक ए कई ध्यान नथी ।
ये जो है वो सामने ही है ।विश्वदर्शन रूप ।



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