प्रतिक्षण

अरे जो प्रतिक्षण बदल रहा वो देह हम है क्या ?
लो ये चला गया भूतकाल मे।
सतत बढ़ता ही चला जाता है ये भूत काल ।
भविष्य तो कल्पना है लो ये वर्तमान बन गया भूतकाल ।
काल महाकाल शिव शिव ...
अर्थात ये कल्याण  ये स्मृति बढ़ती ही जाती है ।
क्या स्मृति है तो जीवन है ।
विस्मृति मरण है क्या ।


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